परिचय (intro)
neend na aane ki samasya ke karan aapke swasthy aur kamkaj mein badha utpann hoti hai. vishv ki lagabhag 10% aabadee anidra se grast hai, jise ek chikitseey sthiti maana jaata hai.
जब आप पर्याप्त नींद नहीं लेते हो तो, इससे नींद की कमी हो सकती है और आप अपने कार्ये पूरी ऊर्जा के साथ नहीं कर पाते हो |
Neend na aane ki samasya kya hai ?
neend na aane ki samasya को अंग्रेजी में insomnia कहते है | जब किसी व्यक्ति को रात में समय पर नींद न आए और बार-बार नींद टूट जाती है और फिर नींद न आए, तो इसे नींद की समस्या माना जाता है | कुछ लोगों के लिए अनिद्रा एक मामूली असुविधा है, परंतु दूसरों के लिए अनिद्रा एक बड़ी बाधा बन सकती है क्योंकि अनिद्रा के कारण भी उतने ही अलग-अलग होते है |
आज की दौड़भरी जिंदगी में यह समस्या बहुत आम हो गई है |
नींद न आने के मुख्य कारण
तनाव और मानसिक स्वास्थ्य:
काम का दबाव, पैसों की चिंता, परिवार या स्वास्थ्य की चिंता और अवसाद प्रमुख कारण हैं |
अनियमित दिनचर्या:
हमेशा अलग-अलग समय पर उठने और सोने की वजह से body clock बिगड़ जाता है |
जीवनशैली:
देर रात भारी भोजन करना, शराब पीना और नाइट शिफ्ट में काम करना |
मोबाइल और स्क्रीन ज्यादा देखना:
सोने से पहले मोबाइल, youtube, fecbook, instagram देखने से मेलटोनिन हार्मोन कम हो जाता है |
ज्यादा कैफीन:
शाम के बाद चाय या कॉफी पीने से नींद उड़ जाती है |
दवाएँ:
कुछ दवाएँ भी नींद में बाधा डाल सकती है |
नींद न आने के लक्षण
(neend na aane ki samasya)
नींद न आने के कई संभावित लक्षण होते हैं , जिन्हें कुछ भागों में बांटा जा सकता है –
• जब आपको दीर्घकालीन अनिद्रा के लक्षण हो |
• रात में देर तक नींद न आना |
• दिन के समय के प्रभाव |
दीर्घकालीन अनिद्रा
यदि आपके लक्षणों में कुछ विशेष विशेषताएं हैं, तो आपको दीर्घकालीन अनिद्रा हो सकती है |
यह विशेषताएं निम्न हैं-
परिस्थितियाँ :
अनिद्रा के निदान के लिए आवश्यक है कि सही वातावरण और पर्याप्त समय होने पर भी नींद लेने में कठिनाई हो |
अवधि:
दीर्घकालीन अनिद्रा कम से कम 2-3 महीने तक बनी रहती है |
आवृति:
आपको महीने में कम से कम 10-12 बार अनिद्रा का आभास होना आवश्यक है |
रात में देर तक नींद न आना
रात में नींद न आने के तीन मुख्य कारण हो सकते हैं:
प्रारम्भिक अनिद्रा:
आपको रात में सोने के सही समय पर नींद आने में परेशानी होती है |
मध्यकालीन अनिद्रा:
इस प्रकार की अनिद्रा में आप रात में बीच-बीच में जाग जाते हैं और नींद पूरी नहीं हो पाती है |
जल्दी उठने की अनिद्रा:
इस प्रकार की अनिद्रा में आप सुबह जल्दी जाग जाते हैं और फिर वापस नींद नहीं आती |
दिन के समय के प्रभाव
रात में नींद पूरी नहीं होने के कारण इसके प्रभाव दिन में भी दिखते हैं-
. थकान, दिन में नींद न आना
. चिड़चिड़ापन
. सिर दर्द
. ध्यान लगाने में परेशानी
. सामाजिक गतिविधियों में व्यवधान
. मनोदशा में ग
ड़बड़
. चिंता और अवसाद
. चीजों को याद रखने में परेशानी
. सोचने की क्षमता का कम होना |
अनिद्रा के प्रकार
अनिद्रा को विशेषज्ञों द्वारा मुख्य रूप से दो भागों में बांटा गया है-
1. कारण
शुरुआती अनिद्रा अपने आप होती हैं, परंतु द्वितीयक अनिद्रा किसी अन्य स्थिति के कारण होती हैं |
2. समय
यह अल्पकालिक और दीर्घकालिक दोनों समय के लिए हो सकती है | दीर्घकालिक रूप को अनिद्रा विकार के रूप में जाना जाता है |
(neend na aane ki samasya)
नींद की कमी से होने वाली बीमारियाँ
(neend na aane ki samasya)
. तनाव
. अवसाद
. दिल का दौरा
. ब्लड प्रेशर
. आघात
. मधुमेह (टाइप 2)
. मोटापा
. सिर दर्द
. स्ट्रोक
दवाएँ जो आपको सोने में मदद करती हैं
(neend na aane ki samasya)
1. नींद लाने वाली दवाएँ:
इस दवा का नाम “यूनानी देवता हिप्रोस” के नाम पर रखा गया है, जो नींद के लिए मददगार है |
2. शामक दवाएँ:
ये तंत्रिका तंत्र की गतिविधि को कम करती है और नींद दिलाने में मदद करती हैं | शामक शब्द का अर्थ है ‘शांत रहना’ |
👉इस बात का भी ध्यान रखें की ये दवाएं आपको सोने में मदद जरूर करती हैं पर इनका उपयोग लंबे समय तक करने से दिमाग पर नकारात्मक प्रभाव भी पड़ सकते हैं | इसलिए इन दवाओं का उपयोग करने से पहले किसी डॉक्टर से सलाह जरूर लें |
नींद लाने के घरेलू उपाय
1. संतुलित भोजन
ज्यादा मीठा, मसालेदार चीजें, देर रात भोजन करना, चाय-कॉफी ज्यादा पीना और जंक फूड से नींद पर प्रभाव पड़ता है, क्योंकि यह ब्लड शुगर, पेट फूलना, नींद में विकार और हार्मोनल असंतुलन पैदा करता हैं, जिससे शरीर थका हुआ महसूस होता है, और अच्छी नींद नहीं आती हैं, जबकि अच्छा खान-पान अच्छी नींद को बढ़ावा देता है |
हार्मोनल असंतुलन:
तला-भुना और जंक फूड जैसे अस्वास्थ्यकर भोजन भूख को नियंत्रित करने वाले हार्मोन (लेप्टिन, ग्रेलिन) को प्रभावित करते है, जिससे दूसरे दिन भूख ज्यादा लगती है और अच्छी नींद नहीं आती |
भारी भोजन:
वसायुक्त भोजन को पचने में बहुत समय लगता है, जिससे शरीर ज्यादा कार्यरत रहता है और अच्छी नींद नहीं आती |
नींद संबंधी विकार:
अत्यधिक और असंतुलित खान-पान से शरीर का मोटापा बढ़ता है, जिससे सांस रुकने की समस्या पैदा होने का खतरा बढ़ जाता हैं |
ब्लड शुगर:
ज्यादा मीठा खाने से ब्लड शुगर तेजी से बढ़ता और घटता है, जिससे नींद बार-बार टूट सकती है |
अच्छा खान-पान और नींद
(neend na aane ki samasya)
. संतुलित भोजन में साबुत अनाज, हरी-सब्जियाँ, दूध, फल और लीन प्रोटीन लें |
. रात में सोने से कम से कम 2-3 घंटे पहले हल्का भोजन करें, ताकि खाने का पाचन ठीक से हो जाए और अच्छी नींद आ सके |
👉अगर आप पेट साफ रखने के घरेलू उपायों के बारे में जानना चाहते हो तो यहाँ पढ़ें |
2. सौंफ का पानी
रात को एक गिलास पानी में एक चम्मच सौंफ का पाउडर और एक चुटकी नमक डालकर अच्छे से मिलाकर रख दें, सुबह छानकर पिएं | यह न सिर्फ आपके शरीर को डिटॉक्सीफाई करने में मदद करता है बल्कि कई स्वास्थ्य समस्याओं से भी राहत दिलाता है | रात मे भी आप भोजन के साथ सौंफ का सेवन कर सकते हो, जिससे पाचन शक्ति बेहतर होती है और अच्छी नींद भी आती है |
3. हल्का भोजन करें
हल्का भोजन जैसे – दालें, खिचड़ी, सब्जी-रोटी, सलाद का सेवन करें | हल्का खाना पचाने में आसान होता है |
फायदे:
. पाचन क्रिया सुचारु रहती है
. कब्ज की समस्या से राहत
. अच्छी नींद
. मेटाबोलिज़्म बेहतर
. वजन नियंत्रण
. एसिडिटी, गैस से राहत
👉 बहुत ज्यादा तला-भुना, मसालेदार और भारी भोजन से बचें |
4. अश्वगंधा का सेवन
अश्वगंधा का आधा चम्मच पाउडर को गर्म पानी, दूध, या शहद के साथ मिलाकर दिन में एक या दो बार भोजन के बाद सेवन करें |
फायदे:
. नींद में सुधार
. इम्यूनिटी बढ़ाता है
. जोड़ों के दर्द से राहत
. शारीरिक कमजोरी दूर करता है
. एकाग्रता और याददाश्त बढ़ाता है
👉सही खुराक के लिए डॉक्टर से सलाह जरूर लें |
5. जीवनशैली
(neend na aane ki samasya)
रोजन सुबह उठकर टहलने जाएं और व्यायाम करें | नियमित रूप से प्राणायाम करें तनाव से दूर रहें और मधुर संगीत सुने या मन पसंद किताबें पढ़ें |
👉यदि आप शुगर कंट्रोल करने के घरेलू तरीकों के बारे में विस्तार से पढ़ना चाहते हो, तो यहाँ क्लिक करें |
फायदे:
. अच्छी नींद आती है
. याददाश्त तेज होती है
. पूरे दिन ऊर्जा बनी रहती है
. समय पर भूख लगती है
6. जीरा:
एक चम्मच जीरे को भून कर पीस लें | अब एक गिलास गुनगुने पानी में 5 मिनट रख दें और सोने से पहले पी लें |
फायदे:
. नींद की गुणवत्ता बढ़ाता है
. तनाव कम करता है
. पाचन में सुधार
. नसों को शांत करता है
. अनिद्रा में सहायक
7. दूध और शहद
एक गिलास गर्म दूध में एक चम्मच शुद्ध शहद मिलाकर रोजाना सोने से एक घंटा पहले पी लें |
(neend na aane ki samasya)
फायदे:
. शांत और आरामदायक नींद
. मांसपेशियों को आराम
. पाचन में सहायक
. हड्डियों को मजबूत बनाता है
. त्वचा के लिए फायदेमंद
8. सरसों का तेल
सोने से पहले सरसों के तेल से पैरों के तलवों और सिर की अच्छे से मालिश करें |
फायदे:
. गहरी नींद
. चिंता में कमी
. रक्त संचार में सुधार
. शरीर को गर्मी
👉सरसों का तेल वात दोष को शांत करने और शरीर में गर्मी पैदा करने के लिए जाना जाता है, जो आयुर्वेद के अनुसार गहरी नींद के लिए महत्वपूर्ण है |
9. सोने से पहले मोबाइल बंद करें
रोजाना सोने से 30-60 मिनट पहले मोबाइल दूर रखें |
फायदे:
. बेहतर और गहरी नींद
. बेहतर मेलाटोनिन उत्पादन
. अगले दिन ज्यादा ऊर्जा
. मानसिक स्पष्टता और फोकस
👉बेडरूम को नो-स्क्रीन जोन बनाएं, जिससे दिमाग उसे आराम और शांत वातावरण की जगह समझें |
10. गाय का घी
रोजाना सोने से ठीक पहले थोड़ा सा गाय का घी लेकर नाक के छिद्रों में 2-3 बूंदें डालें और धीरे-धीरे सांस को अंदर की ओर लें |
फायदे:
. नींद अच्छी आती है
. दिमाग को शांत करता है
. सिरदर्द, माइग्रेन और मानसिक थकान में फायदेमंद
. तनाव कम होता है
. तंत्रिका तंत्र को आराम देता है
👉बहुत ज्यादा या गर्म घी न डालें, बहुत ज्यादा क्रोनिक साइनस होने पर विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें |
बेहतर नींद के लिए योग और प्राणायाम
1. अनुलोम-विलोम
रोजाना 5-10 मिनट अनुलोम-विलोम करने से दिमाग शांत रहता है, थकान दूर करता है, अनिद्रा में राहत, खर्राटों को कम करता है और नींद के पैटर्न में सुधार करता है |
कैसे करें –
एक नाक बंद कर दूसरी से सांस लें और छोड़े, फिर बदले |
2. शवासन
सोने से पहले 5 मिनट शवासन करें |
कैसे करें –
पीठ के बल लेटकर, हाथ-पैर खोलकर, गहरी सांस लेते हुए शरीर को पूरी तरह शिथिल करें | यह तनाव को कम करता है और अच्छी नींद लेने में मदद करता है |

3. बिल्ली-गाय मुद्रा
सुबह खाली पेट 10 मिनट यह व्यायाम करें | इससे रीढ़ लचीली बनती है, पाचन सुधरता है, तनाव कम होता है और पर्याप्त नींद आती है |
कैसे करें –
घुटनों और हाथों के बल आएं | सांस लेते हुए पीठ नीचे करें और सांस छोड़ते हुए पीठ ऊपर करें |
नींद के लिए सही दिनचर्या
(neend na aane ki samasya)
👉अगर आप स्वस्थ जीवनशैली के बारे में जानना चाहते हो, तो यहाँ पढ़ें |
. शांत और अंधेरा कमरा रखें
. सोने से 1-2 घंटे पहले मोबाइल और टीवी से दूरी
. कैफीन और शराब से दूरी
. हर्बल चाय
. दोपहर में नींद कम लें
. धूप में निकलें
. रात में 7-9 घंटे की नींद लें
. रोज एक ही समय पर सोएं

⚠️कब डॉक्टर से सलाह लें ?
(neend na aane ki samasya)
👉भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार
. दवाइयों के बिना बिल्कुल नींद न आए
. दिन में थकान
. खर्राटे और सांस रुकना
. सोते समय अजीब हरकतें
. शारीरिक दर्द
तो डॉक्टर से सलाह जरूर लें |
✡️FAQs
(neend na aane ki samasya)
क्या नींद न आना खतरनाक है ?
हाँ, लंबे समय तक नींद न आने से मानसिक और शारीरिक बीमारियाँ पैदा हो जाती हैं |
रात में कितने घंटे की नींद चाहिए ?
प्रति रात 7-9 घंटे की नींद जरूरी है |
क्या खाने से तुरंत नींद आ जाती है ?
बादाम, अखरोट, पिस्ता, साबुत अनाज, केला, दही खाने से, क्योंकि ये नींद वाले हार्मोन बनाने में मदद करते है |
सबसे कम कौन सोता है ?
जिराफ़
3 वर्ष का बच्चा कितना सोता है ?
2-3 वर्ष की आयु के बीच, बच्चे रोजाना 12-13 घंटे सोते हैं |
नींद के लिए कौनसा घरेलू उपाय सबसे अच्छा है ?
गुनगुना दूध, जीरा, अश्वगंधा और मोबाइल से दूरी नींद के लिए सबसे अच्छे उपाय है |
निष्कर्ष (conclusion):
यदि आप भी neend na aane ki samasya से परेशान हो, तो ये कुछ घरेलू उपायों को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाकर जरूर देखें | इससे आपको पर्याप्त नींद आएगी और neend na aane ki samasya बिना दवा के भी ठीक हो सकती है |
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